Herbs

Jeera Saunf Ajwain Powder benefits
Herbs

Jeera Saunf Ajwain Powder benefits: रोजाना खाली पेट जीरा, सौंफ और अजवाइन का पानी पीने से मिलेंगे सेहत को ये 3 फायदे

Jeera Saunf Ajwain Powder benefits: भारतीय रसोई में सभी प्रकार के मसाले आमतौर पर उपलब्ध रहते हैं और जहां तक बात जीरा, सौंफ, अजवाइन की हो तो ये तो हर रसोई की शान होते हैं रोज सुबह खाली पेट जीरा, सौंफ और अजवाइन का पानी पीने से आपको कई गंभीर समस्याओं से राहत मिलती है.आज की इस पोस्ट में हम आपको खाली पेट जीरा, सौंफ और अजवाइन का पानी पीने से आपके स्वास्थ्य को होने वाले 5 फायदे बताएँगे, आइये जानते हैं विस्तार से – जीरा सौंफ और अजवाइन के फायदे (Jeera Saunf Ajwain Powder benefits) 1. पाचनतंत्र को मजबूत बनाना – (Improve the digestive system) जीरा ,अजवाइन और सौंफ में औषधीय गुण पाए जाते हैं.इनका सेवन सभी घरों में आमतौर पर किया जाता है.यह न केवन खाने का स्वाद बढ़ाते हैं, बल्कि हमारे शरीर के पाचनतंत्र को भी दुरुस्त करते है.जीरा एक ख़ास तरीके के डाइजेस्टिव एंजाइम को एक्टिवेट करता है और आमतौर पर होने वाली गैस, अपच, एसिडिटी की समस्या को दूर करता है.वहीँ सौंफ एंटी -इंफ्लेमेटरी गुण पेट में होने वाली सूजन को कम करता है. 2. वजन घटाने में सहायक (Jeera Saunf Ajwain For Weight Loss) अगर आप अपना वजन कम करना चाहते हैं तो जीरा, सौंफ और अजवाइन का पानी आपके लिए काफी फायदेमंद हर्बल ड्रिंग होग. Jeera, Saunf, Ajwain का पानी पीने से आपका मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है, जिससे आपके शरीर का फैट बर्न आसानी से होता है. यदि आप इसका नियमित तौर पर सेवन करते हैं तो यह आपके शरीर से का अतिरिक्त फैट को कम करने में मदद करता है. 3. बॉडी डेटॉक्स – रोजाना खाली पेट जीरा, सौंफ और अजवाइन का पानी पीने से आपके शरीर की गन्दगी भी बहार निकलती है. जीरा में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं इसमें विटामिन A ,C ,E और B12 पाए जाते हैं इसके अतिरिक्त आयरन, कॉपर ,मेंगनीज जिंक ,कैल्सियम जैसे अनेक पोषक तत्व मौजूद होते हैं.रात के समय अजवाइन, सौंफ खाने से बॉडी डेटॉक्स हॉट है.Jeera Saunf Ajwain Water किडनी और लिवर की सफाई में भी मददगार होता है. अगर आप जीरा ,सौंफ ,अजवाइन का पानी नियमित रूप से पीते हैं तो आपको कोलेस्ट्रॉल ,ब्लड शुगर ,बीपी जैसी अन्य गंभीर समस्याओं से भी निजात मिलता है. यह भी जानें – Arjuna Bark Cinnamon Benefits: इन बीमारियों से राहत दिलाती है अर्जुन की छाल और दालचीनी, जानिए कैसे करें सेवन

Best Vegetable For Eyes
Herbs

Best Vegetable For Eyes: हमेशा आंखों की रोशनी को बरकरार रखना है तो सर्दियों के मौसम में प्रयोग करे ये 5 प्रकार की सब्जियां

Best Vegetable For Eyes: संतुलित आहार तथा संतुलित जीवन शैली का उपयोग करके हम अपने शरीर को अभी भी संतुलित रख सकते हैं. लेकिन पिछले कुछ सालों में भारत में खराब लाइफस्टाइल के चलते कई प्रकार की बीमारियां तेजी से फैलने लगी हैं. जो बीमारियां शरीर में 50-60 की उम्र के बाद लगती थीं. अब वो 30-35 साल के बाद भी परेशान करने लगी हैं. इसलिए अभी से अपनी आंखों का खास ख्याल रखें. कंप्यूटर और मोबाइल के ज्यादा इस्तेमाल से आंखों पर बुरा असर पड़ रहा है. बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी की नजरें उम्र से पहले कमजोर होने लगी हैं. घंटों गैजेट्स के साथ बिताने से आंखों को बिल्कुल भी आराम नहीं मिल पाता. इससे आंखों में तनाव बढ़ता है। वहीं सूरज की हानिकारक यूवी किरणें भी आंखों के लिए हानिकारक साबित हो रही है। ऐसे में डाइट का खास ख्याल रखें। डाइट में कुछ खास चीजों को शामिल करके आप आंखों की रौशनी( Best Vegetable For Eyes) को बरकरार रख सकते हैं और अपनी आंखों को हेल्दी बना सकते हैं। आंखों को मजबूत बनाने वाली सब्जियां (Best Vegetable For Eyes) गाजर का सेवन खूब करें – सर्दी के मौसम में कुछ सब्जियां मिलती हैं जो आंखों के लिए बहुत ही लाभदायक हैं. यदि चील जैसी आंखें चाहते हैं तो रोज 1-2 गाजर(Carrot) जरूर खाएं. गाजर में विटामिन ए और बीटा कैरोटीन पाया जा हैं, जिससे नजर तेज होती है तथा कमजोर आंखों को पोषण मिलता है. गाजर खाने से ड्राई आई की समस्या भी दूर होती है. आपको रोजाना गाजर जरूर खानी चाहिए. खाने में ब्रोकली का प्रयोग करें- इस समय ताजी ब्रोकली(Broccoli) बाजार में मिलती है. हमें अपने भोजन ब्रोकली को किसी भी रूप में शामिल करना चाहिए. ब्रोकली न सिर्फ आंखों के लिए बल्कि पूरे शरीर के लिए सुपरफूड का काम करती है. ब्रोकली मेंज़ेक्सैंथिन और ल्यूटिन नामक कैरोटीनॉयड होते हैं जो आंखों की रेटिना में पहुंच कर जमा होने लगते हैं. आंवला खाएं- विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर आंवला को आंवला(Gooseberry) खाने से आंखों की रोशनी बढ़ती है. आंवला सर्दियों में खूब मिलता है. आपको रोजाना 1 आंवला जरूर खाना चाहि आंवला रेटिना रेटिना और लेंस को फ्री रेडिक इससे आंखों को स्ट्रेस से बचाने में भी मदद करता है. शिमला मिर्च खाएं- शिमला मिर्च(Capsicum) के खाने से भी आंखों की रौशनी बढ़ती है. शिमला मिर्च में भरपूर मात्रा में विटामिन,खनिज और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं. शिमला मिर्च में विटामिन सी होता है. जो आंखों के टिशूज को होने वाले नुकसान बचाता है. पालक खाएं- आपको रोजाना कुछ पत्ते पालक(spinach) खाने चाहिए. पालक को कच्चा या फिर हल्का उबालकर किसी सब्जी या सूप में डालकर पी सकते हैं. पालक को आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए अच्छा माना जाता है. पालक में ऐसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो आंखों को बीमार होने से बचाते हैं. पालक में ल्यूटिन और ज़ेक्सैंथिन नामक कैरोटीनॉयड पाए जाते हैं जो रेटिना को हानिकारक ब्लू लाइट से बचाते हैं.

Fake Ayurvedic Medicine
Herbs

Fake Ayurvedic Medicine: दिल्ली पुलिस ने नकली आयुर्वेदिक उत्पाद विज्ञापनों से जुड़ी साइबर धोखाधड़ी पर लिखा मुकदमा

Fake Ayurvedic Medicine: दिल्ली पुलिस ने एक आयुर्वेद मर्चेंडाइज फर्म(Ayurveda Merchandise Firm) को निशाना बनाकर साइबर धोखाधड़ी की जांच शुरू की है। इस मामले में दर्ज एफआईआर के अनुसार, सन्यासी आयुर्वेद के एक निदेशक ने आरोप लगाया था कि कुछ धोखेबाज उनके ब्रांड के प्रचार वीडियो का इस्तेमाल कर रहे हैं। शिकायतकर्ता ने अपना नाम गुप्त रखने की इच्छा जताते हुए कहा कि उनकी कंपनी के नाम और वीडियो का प्रयोग बिना उनके परमिशन के ऑनलाइन नकली आयुर्वेदिक उत्पाद(Fake Ayurvedic Medicine) बेचने में हो रहा है जिस पर उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात किया है।पुलिस ने पिछले साल 27 दिसंबर को इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी। पैसे लेकर नकली दवाइयां बेची जा रही (Fake Ayurvedic Medicine) एफआईआर में कहा गया है,एक रैकेट/गिरोह पैसे के लिए नकली दवाएं बेच रहा है,संगठित अपराध,धोखाधड़ी और जालसाजी कर रहा है,जो हजारों लोगों की जान जाने के रूप में समाज के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है।शिकायतकर्ता ने दावा किया कि उनका ब्रांड विश्व प्रसिद्ध है और भारत तथा विदेशों में इसके बहुत ज्यादा ग्राहक हैं। 27 नवंबर को, मेरे छोटे भाई को ब्राउज़ करते समय एक सोशल मीडिया विज्ञापन मिला, जिसमें मेरे रिकॉर्ड किए गए वीडियो विज्ञापन तथा हमारी कंपनी के नाम का बिना अनुमति के दुरुपयोग किया गया था,” व्यक्ति ने अपनी शिकायत में कहा। उन्होंने पुलिस को जानकारी देते हुए बताया कि विज्ञापन उनके ब्रांड नाम से पंजीकृत एक फर्जी पेज पर पोस्ट था।इस पेज के पीछे के उपयोगकर्ता ने मेरे वीडियो तथा कंपनी के नाम का उपयोग नकली दवाओं को बढ़ावा देने तथा बेचने के लिए किया। मेरे छोटे भाई ने दिए गए नंबर पर कॉल किया। टेली-कॉलर ने कंपनी का प्रतिनिधि होने का झूठा दावा किया। उसी दिन, मेरे भाई ने दवा का ऑर्डर दिया, जो 1 दिसंबर को 1,800 रुपये कैश ऑन डिलीवरी पर प्राप्त हुई,” उसने कहा। उसकी शिकायत के अनुसार, उसे जो पैकेज मिला, उसमें प्रेषक का पता नहीं था। हालांकि, कूरियर एजेंसी ने प्रेषक का पता दिया, जो गाजियाबाद में स्थित था। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद दक्षिण-पूर्वी जिले के साइबर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। अधिकारी ने बताया, “एफआईआर दर्ज करने के बाद हमने मामले की जांच के लिए कई टीमें बनाई हैं। टीमें सभी तथ्यों की जांच कर रही हैं और जल्द ही दोषियों को पकड़ लिया जाएगा।”

Poisonous Grass Allergy Risk
Herbs

Poisonous Grass Allergy Risk: इस घास में छुपा है खतरनाक जहर, छूने से हो सकती है गंभीर एलर्जी

Poisonous Grass Allergy Risk: धरती पर लाखों प्रजातियों के पेड़-पौधे और घास पाए जाते हैं, जिनमें से कुछ लाभकारी होते हैं तो कुछ खतरनाक. इन्हीं में से एक है गाजर घास (Parthenium hysterophorus), जिसे आमतौर पर “कांग्रेस घास” के नाम से भी जाना जाता है. यह घास न केवल पर्यावरण के लिए बल्कि इंसानों और जानवरों के लिए भी बेहद खतरनाक मानी जाती है. यह घास सड़क किनारे, खाली प्लॉट्स और रेलवे ट्रैक के पास तेजी से उगती है और फैलने की क्षमता रखती है. अगर इसे समय पर हटाया न जाए तो यह बड़ी समस्याओं का कारण बन सकती है. गाजर घास का प्रभाव(Poisonous Grass Allergy Risk) गाजर घास किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ मानव जीवन और जानवरों के स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती है. कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, इस घास के संपर्क में आने से एलर्जी, खुजली, त्वचा रोग, और यहां तक कि अस्थमा जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं. इसमें मौजूद पारथेनिन रसायन के कारण यह जहरीली हो जाती है. इंसानों के अलावा, जानवर भी इस घास को नहीं खाते, जिससे यह उनके लिए भी हानिकारक साबित होती है. शरीर पर गाजर घास के दुष्प्रभाव गाजर घास के संपर्क में आने से त्वचा पर फफोले, खुजली और लाल चकत्ते जैसे लक्षण उभर सकते हैं. इसके अलावा, लंबे समय तक संपर्क में रहने से आंखों में जलन, दमा, जुकाम, और सांस संबंधी एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि यह घास फसलों के पोषक तत्वों को खत्म कर देती है, जिससे फसल उत्पादन में भारी कमी होती है. इसके साथ ही यह घास खेतों में तेजी से फैलती है, जिससे इसे नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है. गाजर घास से बचाव के उपाय गाजर घास से बचने के लिए इसे जल्द से जल्द हटाना जरूरी है. खेतों में जैविक तरीकों से इसे नष्ट करना सबसे अच्छा विकल्प है.  इसके लिए घास की पहचान कर उसे जड़ से हटाएं. एहतियात के तौर पर ग्लव्स और मास्क पहनकर काम करें ताकि इसके जहरीले प्रभाव से बचा जा सके. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इस घास को जलाने के बजाय इसे सुरक्षित तरीके से नष्ट करें. साथ ही, खेतों की नियमित सफाई और घास को फैलने से रोकने के उपाय अपनाने से इसके दुष्प्रभावों से बचा जा सकता है। गाजर घास(Parthenium hysterophorus) केवल एक जंगली घास नहीं है, बल्कि यह इंसानों, जानवरों और पर्यावरण के लिए एक बड़ा खतरा बन चुकी है. इसके खतरनाक प्रभावों को देखते हुए समय रहते इसे नियंत्रित करना बेहद जरूरी है. यदि इसे नजरअंदाज किया गया, तो यह न केवल हमारी फसल उत्पादन क्षमता को प्रभावित करेगा बल्कि मानव स्वास्थ्य को भी गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाएगा.

High Protein Vegetable
Herbs

High Protein Vegetable: अगर नहीं खाते हैं अंडे तो इस गोभी में मिल जाएगा सारा प्रोटीन, रहेंगे हेल्दी

High Protein Vegetable: प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए लोग अंडे खाना पसंद करते हैं. जो लोग शाकाहारी होते हैं वह एंड नहीं खाते ऐसे में शरीर में प्रोटीन की कमी पूरी नहीं हो पाती है. अगर आप भी शाकाहारी (High Protein Vegetable) हैं और अंडा नहीं खाते हैं तो इसकी कमी को हरी सब्जी से पूरा कर सकते हैं. प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए गोभी एक अच्छा स्रोत है जो आपको हेल्दी बनाए रखना है. दो गोभी में से कौन सा फायदेमंद सेहत के लिए गोभी एक ऐसी सब्जी है जो आपको हमेशा बीमारियों से दूर रखती है और हेल्दी रखती है. गोभी एक ऐसी सब्जी है जो शरीर में प्रोटीन की कमी को पूरा करता है. अभी दो तरह की होती है एक ब्रोकली और दूसरी सफेद गोभी इन्हें खाने से शरीर को जरूरी प्रोटीन मिल जाता है. ब्रोकली पूरी करेगी प्रोटीन की कमी जब आप एक अंडा खाते हैं तो आपके शरीर में 6 ग्राम प्रोटीन की कमी पूरी होती है। वहीं, अगर आप 100 ग्राम ब्रोकली कहते हैं तो आपके शरीर में 3 ग्राम प्रोटीन की पूर्ति हो जाती है. इस तरह से देखा जाए तो अंडे की जगह पर ब्रोकली प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत माना जा रहा है. अगर आप शाकाहारी है अंडा नहीं खा रहे हैं तो प्रोटीन की कमी को इस तरह से पूरा कर सकते हैं. ब्रोकली खाने से कैंसर का खतरा कम अंडे में ज्यादा कैलोरी होती है वही ब्रोकली में कम होती है इसमें फाइबर भी होता है जो वजन कम करता है. ब्रोकली को खाने से दो तरह के फायदे मिलते हैं प्रोटीन की कमी का पूरा होना और मोटापा बिल्कुल ना बढ़ना। यह एक ऐसी हरी सब्जी है जो आपको एनर्जी देती है और हेल्दी रखती है. ब्रोकली खाने से कैंसर का खतरा भी नहीं रहता है. हड्डियां भी रहेगी मजबूत ब्रोकली में कैल्शियम और कॉलेजों होता है जो हड्डियों को मजबूत करने का काम करता है. ब्रोकली में विटामिन के पाया जाता है जो शरीर को फिट रखता है. इसके अलावा ब्रोकली में विटामिन सी भी होता है जो हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूत रखना है और बीमारियां जल्दी नहीं लगती है.12

Weight Loss Vegetables
Herbs

Weight Loss Vegetables: वेट लॉस जर्नी में शामिल करें ये सब्जियां, नहीं होगी फूड क्रेविंग कम हो जाएगा वजन

Weight Loss Vegetables: सर्दियों के मौसम में गरम-गरम तालाब बना हुआ खाना खाने से वजन और भी ज्यादा बढ़ जाता है. वहीं, अगर आप सर्दियों के मौसम में वजन कम करने वाली सब्जियों(Weight Loss Vegetables) को खाती हैं, तो लटकती हुई तोंद भी झट से अंदर हो जाती है. सीजनल सब्जियां हमारे वजन को भी काम करने के लिए फायदेमंद होती है. सर्दियों के मौसम में गाजर मूली से लेकर चुकंदर तक सलाद की तरह काटकर खाया जाता है. गर्मियां ही नहीं बल्कि सर्दियों में कई फल भी मिलते हैं जो वेट लॉस की जर्नी के लिए फायदेमंद है. अगर आप भी वजन घटाने का मन बना चुके हैं तो इन सब्जियों के बारे में जान लीजिए जिन्हें खाने के बाद मोटापा कम होगा. हरी और पत्तेदार सब्जियां सर्दियों के मौसम में जितना हो सके हरी पत्तेदार सब्जियों को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए. जब आप इन सब्जियों को पेट भर के खाते हैं तो वजन कम होने लग जाता है. इन सब्जियों से आपको विटामिन और मिनरल मिलते हैं. सर्दियों में पालक बथुआ मेथी सरसों जैसी पत्तेदार सब्जियां डाइट में ऐड कर लीजिए. ब्रोकली सर्दियों के मौसम में ब्रोकली मार्केट में मिलने लग जाती है यह वजन को कम करने में मददगार है. अगर आप हर उपाय करके थक गए हैं तो ब्रोकली को खा सकते हैं यह स्टीम करके या फिर सलाद सूप के रूप में भी खाया जा सकता है. ब्रोकली में न्यूट्रिशन पाए जाते हैं जो वजन को कम करने में फायदेमंद है. शलगम सर्दियों के मौसम में शलगम भी मार्केट में खूब बिकता है लोगों को यह पसंद भी होता है. वेट लॉस करने के लिए आप इसे भी खा सकते हैं भरपूर मात्रा में फाइबर होता है. खाने से लंबे समय तक पेट भरा भरा सा रहता है. शकरकंद शकरकंद खाना वजन को कम करता है. शकरकंद में फाइबर होता है जो पेट को फूल रखता है. शकरकंद खाने से आपका वजन जल्द से जल्द काम हो जाता है फूड क्रेविंग भी नहीं होती जिसकी वजह से वेट लॉस आसानी से हो जाता है. चुकंदर चुकंदर को सर्दियों के मौसम में सलाद के रूप में खाया जाता है यह बॉडी में आयरन की कमी को पूरा करता है. अगर आपको भी अपना हीमोग्लोबिन बढ़ाना है तो चुकंदर खा सकते हैं. यह मोटापे को कम करता है. चुकंदर में हाई फाइबर होता है जो फूड क्रेविंग को काम करता है और वेट लॉस में फायदेमंद होता है.

Herbal Medicine
Herbs

Herbal Medicine: हर्बल दवाओं से पाएं कई बीमारियों से छुटकारा, Heart Disease के लिए भी साबित होती हैं असरदार

Herbal Medicine: गैर संक्रामक रोगों, जैसे हृदय रोग, कैंसर, और स्ट्रोक, से मुकाबला करने के लिए हर्बल(Herbal) दवाएं एक प्रभावी उपाय साबित हो सकती हैं. यह बात तीन दिवसीय सातवीं अंतरराष्ट्रीय कांग्रेस के दौरान विशेषज्ञों द्वारा साझा की गई. इस सम्मेलन का आयोजन नृवंशविज्ञान के लिए सोसायटी(Society for Ethnopharmacology), केंद्रीय आयुष मंत्रालय और Biotechnology विभाग के सहयोग से हुआ. सम्मेलन में भारत और अन्य देशों के विशेषज्ञों ने हर्बल दवाओं के महत्व और उनके प्रभावी उपयोग पर गहराई से चर्चा की. विशेषज्ञों का मानना है कि जड़ी-बूटियों पर आधारित दवाएं गैर संक्रामक रोगों के उपचार में अहम भूमिका निभा सकती हैं, जिससे इन बीमारियों का इलाज सस्ता, सुरक्षित और प्राकृतिक तरीके से संभव हो सके. इस सम्मेलन में हर्बल उपचार के वैज्ञानिक पहलुओं और उनके सकारात्मक प्रभावों पर भी जोर दिया गया, जो भविष्य में स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान हो सकते हैं. टोरंटो से आए डॉ. प्रदीप विसेन ने मधुमेह(diabetes) के टाइप-2 और कार्डियो वस्कुलर रोगों के इलाज में औषधीय पादपों की उपयोगिता पर जोर दिया. उन्होंने बताया कि पहले हृदय रोग, कैंसर और diabetes जैसे रोग केवल संपन्न वर्ग से जुड़े होते थे, लेकिन अब ये वैश्विक खतरे के रूप में सामने आए हैं, और सबसे अधिक प्रभावित गरीब वर्ग हो रहा है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के अनुसार, इन बीमारियों का प्रसार अब सभी देशों में बढ़ चुका है. इस सम्मेलन में डॉ. इक्षित शर्मा ने भी मधुमेह के इलाज में बीजीआर-34 दवा की भूमिका पर प्रकाश डाला. उनका कहना था कि यह औषधीय पादपों से बनी दवा रक्त में शर्करा की मात्रा को नियंत्रित करती है और Metabolis को भी बेहतर बनाती है. इस तरह की दवाएं न केवल रोगों के इलाज में मदद करती हैं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली के लिए भी लाभकारी साबित हो रही हैं. इस वजह से बढ़ता है आपका वजन बांग्लादेश के ढाका विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. सीतेश सी बचर ने अपने प्रजेंटेशन में बताया कि आधुनिक चिकित्सा पद्धति की कई दवाएं प्रभावी मानी जाती हैं, लेकिन इनमें कैंसर कारक तत्व होते हैं, जो लीवर को गंभीर क्षति पहुंचा सकते हैं. उन्होंने जड़ी-बूटियों में पाए गए प्राकृतिक तत्वों की प्रभावशीलता को रेखांकित किया, जो इन रोगों के इलाज में मददगार हो सकते हैं. वहीं, नाइजीरिया की taxocology यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. पीटर ओ एजबोना ने Cardiovascular रोगों में औषधीय पादपों के महत्व पर चर्चा की और उनके अध्ययन को जानवरों पर लागू किया. ऑस्ट्रेलिया में त्रिगोनेला लैब्स के निदेशक डॉ. दिलिप घोष ने मधुमेह के प्रबंधन में फेनुग्रीक बीज की भूमिका पर प्रकाश डाला, जिसे संयुक्त राज्य अमेरिका में जीआरएएस (सामान्य तौर पर सुरक्षित) का दर्जा प्राप्त है. इन शोधों ने यह साबित किया कि प्राकृतिक तत्वों से इलाज सुरक्षित और प्रभावी हो सकता है.

Navjot Singh Sidhu
Herbs

Navjot Singh Sidhu की सेहत और जवानी का राज: लौंग, इलायची, दालचीनी और गुड़ से बनी हर्बल टी!

Navjot Singh Sidhu: अधिकतर लोग सुबह की शुरुआत दूध और शक्कर वाली चाय से करते हैं, लेकिन आपको बता दे की नवजोत सिंह सिद्धू(Navjot Singh Sidhu) और उनकी पत्नी ने इस परंपरागत आदत को बदलते हुए एक नई और हेल्दी शुरुआत की. जी है हाल ही में, जब सिद्धू ने अपनी पत्नी के कैंसर फ्री होने की खबर साझा की, तो उन्होंने बताया कि इसमें उनकी बदलती Lifestyle और आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का बड़ा योगदान रहा. उन्होंने बताया कि सुबह की चाय में उन्होंने शुगर और दूध का इस्तेमाल पूरी तरह से बंद कर दिया और इसे हेल्दी Herbal tea से बदल दिया. यह Herbal tea लौंग, इलायची, दालचीनी और गुड़ जैसी प्राकृतिक सामग्रियों से बनाई जाती है, जो न केवल सेहत के लिए फायदेमंद है, बल्कि स्वादिष्ट भी है. ये चाय शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करती है, इम्यून सिस्टम को मजबूत करती है और दिनभर ताजगी बनाए रखती है. एक साधारण बदलाव से हेल्दी जीवन की ओर बढ़ना वाकई प्रेरणादायक है.Navjot Singh Sidhu ने अपनी दिनचर्या में हेल्दी आदतों को शामिल करते हुए बताया कि वह सुबह लंबी फास्टिंग के बाद सबसे पहले नींबू पानी पीते हैं, फिर Herbal tea का सेवन करते हैं. उनका मानना है कि सुबह शरीर को शुगर और दूध वाली चाय की आवश्यकता नहीं होती. इसकी जगह, हर्ब्स से बनी चाय का सेवन बेहतर विकल्प है. यह चाय शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करती है और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालती है. साथ ही, वजन घटाने में भी सहायक होती है. सिद्धू की यह आदत स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरणा देती है. इस तरह बनाये चाय लौंग, इलायची, दालचीनी और गुड़ से बनी यह हर्बल चाय सेहतमंद और स्वादिष्ट विकल्प है, जो सुबह को ताजगी और ऊर्जा से भर देती है. इसे बनाने के लिए, 2 कप पानी एक पैन में उबालें. उबाल आने पर उसमें 2-3 लौंग, 2-3 इलायची और 2 टुकड़े दालचीनी डालें. इन्हें धीमी आंच पर अच्छे से उबालें, ताकि इनके पोषक तत्व पानी में घुल जाएं. चाहें तो तुलसी के पत्ते भी डाल सकते हैं. जब पानी आधा रह जाए, तो इसमें 1 छोटा टुकड़ा गुड़ डालकर घोल लें. यह चाय डिटॉक्स करती है, इम्यूनिटी बढ़ाती है और दिनभर ऊर्जा देती है. लौंग, इलायची, दालचीनी और गुड़ से बनी यह Herbal tea सर्दियों में बेहद फायदेमंद है. यह जुकाम, खांसी और गले के इंफेक्शन में राहत देती है. इसमें मौजूद लौंग और दालचीनी के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण शरीर की सूजन कम करने में मदद करते हैं, जबकि गुड़ प्राकृतिक मिठास के साथ इम्यूनिटी बढ़ाता है और शरीर को गर्मी देता है.यह चाय पाचन सुधारने में भी सहायक है, गैस, एसिडिटी और ब्लोटिंग जैसी समस्याओं को दूर रखती है. वजन घटाने में असरदार और डिटॉक्सिफिकेशन में मददगार, यह चाय सेहत और स्वाद का बेहतरीन मेल है.

Winter Fenugreek Benefits
Herbs

Winter Fenugreek Benefits: सर्दियों में जरूर खानी चाहिए पालक मेथी और साग, मिलते हैं कई फायदे

Winter Fenugreek Benefits: सर्दियों का मौसम अब शुरू हो चुका है इस मौसम में मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ने का डर रहता है. इन बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए और (Immune System) को मजबूत बनाने के लिए आप साग खाना शुरू कर दीजिए. सर्दियों के मौसम में लोगों को साग खाना बहुत पसंद होता है यह सरसों में थी और बथुए का भी होता है. इनमें कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो कई तरह से फायदा पहुंचाते हैं. इम्यूनिटी सिस्टम सर्दियों के मौसम में सर्दी जुकाम से सरसों का साग खाने से फायदा मिलता है. भरपूर मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है जो इम्यून सिस्टम के लिए बहुत जरूरी है. इसके अलावा सांग में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट हमारे शरीर को ताजगी देता है और बीमार नहीं पड़ने देता. पाचन तंत्र सर्दियों के मौसम में कब्ज की समस्या हो जाती है ऐसे में अगर आप साग खाते हैं तो यह फाइबर से भरपूर होता है जो पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है. कब्ज की समस्या से राहत पाने के लिए आपको साग का पानी पीना चाहिए यह आपकी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है. खून की कमी सर्दियों के मौसम में सरसों का साग खाने से खून की कमी बिल्कुल भी नहीं होती है. साग में आयरन की भरपूर मात्रा होती है जो खून की कमी (Winter Fenugreek Benefits) को पूरी करती है. साग में फोलिक एसिड होता है जो शरीर में नए ब्लड सेल्स बनता है इस तरह से किसी तरह की बीमारी भी नहीं लगती. हड्डियां मजबूत अपनी हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए आप सर्दियों के मौसम में कैल्शियम और विटामिन डी से भरपूर साग खा सकते हैं. अगर आपकी हड्डियों में दर्द रहता है तो यह आपके लिए बहुत अच्छा ऑप्शन है. त्वचा के लिए फायदेमंद साग आपकी त्वचा के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है इसके अलावा वजन कम करने के लिए ज्यादातर लोगों से खाना पसंद करते हैं. इतना ही नहीं यह दिल से जुड़ी सभी बीमारियों के लिए फायदेमंद है. अक्सर आपने सुना होगा की आंख की रोशनी हरी पत्तेदार सब्जियां खाने से बरकरार रहती है.

Curry Leaves Benefits
Herbs

Curry Leaves Benefits: सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है कड़ी पत्ते का पानी, जानिए कैसे करें सेवन

Curry Leaves Benefits: औषधीय गुणों से भरपूर करी पत्ता सेहत का खजाना माना जाता है. यह आपके शरीर से हर एक बीमारी को खत्म करने का काम करता है. कड़ी पत्ते सिर्फ आपके खाने के स्वाद को ही नहीं बल्कि आपको स्वस्थ रखने का काम भी करता है. कड़ी पत्ते के फायदे जाने के बाद आप हैरान रह जाएंगे. कड़ी पत्ते (Curry Leaves Benefits) को लोग अक्सर खाने या फिर नेचुरल ड्रिंक की तरह इस्तेमाल करते हैं. आप इसका सेवन किस तरह से कर सकते हैं इसके बारे में जान लीजिए. कैसे बनेगा कड़ी पत्ते का पानी   कड़ी पत्ते का पानी बनाने के लिए सबसे पहले आपको एक बड़ा कटोरा या फिर पैन लेना है. अब आपको इसमें एक से दो गिलास पानी डाल देना है. उसके बाद एक मुट्ठी कड़ी पत्ता डालने के बाद इसे बॉयल होने दीजिए. अब जब पानी उबल जाए तो इसे ठंडा होने के लिए रख दीजिए. तरह से जब पानी ठंडा हो जाएगा तो इसे छान कर पी सकते हैं. यह (Heart Health) और बाकी बीमारियों के लिए भी फायदेमंद है. मिलते हैं कई नेचुरल फायदे   कड़ी पत्ते के कई फायदे होते हैं आप इसे पीने के बाद अपने वेट को भी कम कर सकते हैं. अगर आप वेट लॉस जर्नी में कड़ी मेहनत कर रहे हैं और कोई फायदा नहीं मिल रहा तो यह असरदार उपाय है. कड़ी पत्ते का पानी आपके शरीर में जमा एक्स्ट्रा फैट (Extra Fat) को आसानी से बन कर देता है. इसके अलावा यह इम्यून सिस्टम को भी बूस्ट करता है यह एसिडिटी कब से जैसी समस्याओं को भी दूर करता है. कड़ी पत्ते में पाए जाने वाले तत्व   कड़ी पत्ते में आपको कई तरह के तत्व मिलते हैं जिसमें आयरन कैल्शियम प्रोटीन और विटामिन जैसी चीज शामिल है. कड़ी पत्ते का इस्तेमाल आपकी सेहत के लिए वरदान साबित होता है.

Scroll to Top