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Vitamin D Rich Foods
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Vitamin D Rich Foods: सर्दियों में धूप की कमी से न हों परेशान, Vitamin D बढ़ाने के लिए आज ही डाइट में शामिल करें ये सुपरफूड्स

Vitamin D Rich Foods: आज कल Winter में धूप की कमी के कारण हमारे शरीर में अक्सर विटामिन डी(Vitamin D) की कमी हो जाती है। विटामिन डी हमारी हड्डियों को मजबूत बनाने और इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। इसकी कमी से थकान, कमजोरी और हड्डियों से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। अगर सर्दियों में आपको पर्याप्त धूप नहीं मिल रही है, तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। अपनी डाइट में कुछ खास फूड्स शामिल करके आप आसानी से विटामिन डी की कमी को पूरा कर सकते हैं। 1. फैटी फिश सैल्मन, टूना और मैकेरल मछलियां विटामिन डी और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होती हैं। ये हड्डियों को मजबूत बनाने के साथ दिल और दिमाग की सेहत के लिए भी बेहतरीन हैं। इन्हें डाइट में शामिल कर आप पोषण और स्वाद का बेहतर संतुलन पा सकते हैं। 2. अंडे का पीला हिस्सा अंडे का पीला हिस्सा विटामिन डी का शानदार स्रोत है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने और इम्यून सिस्टम को बेहतर रखने में मदद करता है। इसे रोजाना डाइट में शामिल करना फायदेमंद है। आप इसे उबालकर, ऑमलेट में या सलाद के साथ खा सकते हैं। स्वास्थ्य के लिए इसे जरूर अपनाएं। 3. मशरूम मशरूम विटामिन डी का प्राकृतिक और बेहतरीन स्रोत है। इसे अपनी डाइट में शामिल करके आप शरीर की विटामिन डी की जरूरत पूरी कर सकते हैं। आप मशरूम को सूप, सब्जी या सलाद में इस्तेमाल कर सकते हैं। यह स्वादिष्ट होने के साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद है। 4. डेयरी प्रोडक्ट्स दूध और पनीर जैसे फोर्टिफाइड डेयरी प्रोडक्ट्स हड्डियों के लिए फायदेमंद हैं। रोजाना एक गिलास दूध पीने से शरीर को पर्याप्त विटामिन डी मिलता है। 5. फोर्टिफाइड फूड्स संतरे का जूस, सोया मिल्क और अनाज जैसे फोर्टिफाइड फूड्स विटामिन डी के बढ़िया विकल्प हैं। ये खाद्य पदार्थ न केवल पोषण से भरपूर हैं बल्कि सर्दियों में विटामिन डी की कमी को पूरा करने में भी मदद करते हैं। इन्हें अपने दैनिक आहार में जरूर शामिल करें। 6. दही और पनीर दही विटामिन डी और अन्य पोषक तत्वों का बेहतरीन स्रोत है। यह हड्डियों को मजबूत करने और इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है। अपने भोजन में दही को शामिल करें, चाहे सलाद के रूप में खाएं या भोजन के साथ। यह स्वादिष्ट और सेहतमंद विकल्प है। इन सुपरफूड्स को डाइट में शामिल करके आप सर्दियों में भी विटामिन डी की जरूरत को आसानी से पूरा कर सकते हैं और खुद को स्वस्थ रख सकते हैं।

Honeymoon Destinations in Winter
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Honeymoon Destinations in Winter: सर्दियों में बजट में हनीमून के लिए ये है बेस्ट डेस्टिनेशन, खास पलों को बनाएं यादगार

Honeymoon Destinations in Winter: शादी के बाद हनीमून पर जाना सबको पसंद है और अब न सिर्फ यह एक परंपरा है, बल्कि नए जीवन की शुरुआत का खास हिस्सा भी बन चुका है. पहले यह चलन ज्यादातर विदेशों तक सीमित था, लेकिन अब हर जोड़ा इस मौके को खास और यादगार बनाने के लिए Honeymoon प्लान करता है. समय के साथ लोगों की आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है, और अब कपल्स हनीमून पर खुलकर खर्च करने से नहीं हिचकते. हनीमून एक ऐसा अवसर है, जो नवविवाहित जोड़ों को एक-दूसरे को बेहतर समझने और साथ समय बिताने का मौका देता है. हालांकि, शादी के बाद एक परफेक्ट Honeymoon Destination चुनना कपल्स के लिए एक बड़ा टास्क बन जाता है, क्योंकि हर कोई चाहता है कि यह अनुभव बेहतरीन हो. अगर आप भी ऐसी जगह की तलाश में हैं, जो आपकी उम्मीदों पर खरी उतरे और बजट में भी फिट हो, तो हम आपके लिए कुछ बेहतरीन लोकेशन्स की लिस्ट लेकर आए हैं. 1. कश्मीर (Kashmir)क्यों जाएं: कश्मीर को धरती का स्वर्ग कहा जाता है, और सर्दियों में इसकी खूबसूरती बर्फबारी के साथ और बढ़ जाती है. हनीमून के लिए यहां के हिल स्टेशन गुलमर्ग, पहलगाम और सोनमर्ग परफेक्ट हैं.2. ऊटी (Ooty)क्यों जाएं: हनीमून के लिए बजट फ्रेंडली और खूबसूरत डेस्टिनेशन. ऊटी का शांत वातावरण और सर्दियों का ठंडा मौसम इसे खास बनाते हैं.3. मनाली (Manali)क्यों जाएं: मनाली हनीमून के लिए सबसे लोकप्रिय डेस्टिनेशन में से एक है, जहां दिसंबर में बर्फबारी का रोमांचक अनुभव लिया जा सकता है.4. ऊटी (Ooty), तमिलनाडुक्यों जाएं: “नीलगिरि की रानी” ऊटी सर्दियों में सस्ते और शांतिपूर्ण हनीमून के लिए एक परफेक्ट लोकेशन है.5. जैसलमेर (Jaisalmer)क्यों जाएं: थार रेगिस्तान में स्थित जैसलमेर एक अनूठा अनुभव प्रदान करता है.6. कोदाईकनाल (Kodaikanal)क्यों जाएं: यह दक्षिण भारत का खूबसूरत और शांत हिल स्टेशन सर्दियों में बेहतरीन डेस्टिनेशन है.7. गंगटोक (Gangtok)क्यों जाएं: सिक्किम की राजधानी गंगटोक एक रोमांटिक और शांत हनीमून डेस्टिनेशन है.8. द्वारका (Dwarka)क्यों जाएं: समुद्र तट और धार्मिक अनुभव के लिए द्वारका एक बेहतरीन विकल्प है.9. कांचीपुरम (Kanchipuram)क्यों जाएं: ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल कांचीपुरम शांत और सांस्कृतिक अनुभव के लिए बढ़िया है.10. मुन्नार (Munnar)क्यों जाएं: केरल में स्थित मुन्नार चाय बागानों के बीच एक रोमांटिक और शांत हनीमून डेस्टिनेशन है.

Monsoon Outfit Ideas
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Monsoon Outfit Ideas : बरसात में भी रहेगी कंफर्टेबल, ट्राई करें इन कपड़ों के फैब्रिक और कलर

Monsoon Outfit Ideas : मानसून का मौसम आते ही आपको अपनी लाइफ स्टाइल में थोड़े बहुत बदलाव कर लेने चाहिए। खास कर पहनावे की बात करें तो बरसात के मौसम में कंफर्टेबल लुक ही अच्छा लगता है। इसके साथ ही आपको कपड़ों के फैब्रिक पर ही नहीं बल्कि कलर पर भी ध्यान देना चाहिए। अगर आप इस मौसम में सही तरह के कपड़े नहीं पहनते हैं तो आपको परेशानी होती है। बरसात के मौसम में खुजली ड्रेस फंगल इन्फेक्शन जैसी परेशानियां होती है। मानसून का मौसम हर किसी को अच्छा लगता है बारिश की ठंडी ठंडी बंदे और हवाएं मां को खुश कर देती है। हालांकि, इस मौसम में आउटफिट में स्टाइलिश लिखना बहुत जरूरी है इसके साथ ही कंफर्टेबल लोक क्रिएट करना उतना ही मुश्किल। आज इस आर्टिकल में हम आपको कुछ कंफर्टेबल आउटफिट के बारे में बताएंगे जो मानसून के समय में आपके लिए बेस्ट रहेगा। हल्के स्कर्ट अगर आपको फ्लोरल प्रिंट वाला स्कर्ट पहनना पसंद है तो यह मानसून के मौसम के लिए बेस्ट चॉइस है। मानसून में आप इस तरह की ड्रेस में काफी कंफर्टेबल रहती हैं। इस ड्रेस में आपको मिनी और फ्लोर लेंथ की जगह पर लोंग लेंथ की स्कर्ट को चुनना चाहिए। अगर आप ऑफिस जाती हैं तो फ्लोरल प्रिंट आपके ऊपर बहुत अच्छा लगेगा और आप कंफर्टेबल भी रहेंगे। इसके अलावा अगर आप बरसात के मौसम में दोस्तों के साथ आउटिंग पर जा रही है तो इस तरह की ड्रेस आपके लिए बेस्ट चॉइस है। लिनन लीलन फैब्रिक के आउटफिट बरसात के मौसम में बेस्ट रहते हैं यह भेजने के बाद जल्दी सुख भी जाते हैं। इतना ही नहीं यह आपको क्लासी लुक देते हैं आप चाहे तो इस फैब्रिक के लाइट शेड्स के आउटफिट ट्राई कर सकती हैं। यह आउटफिट ऑफिस से लेकर दोस्तों के साथ हैंग आउट करने तक या फिर पार्टी में जाने के लिए भी बेस्ट ऑप्शन है। लिनन का कपड़ा आपको लंबे समय तक कंफर्टेबल रखता है बरसात के मौसम में यह कपड़ा जल्दी सूख जाता है इस वजह से बेस्ट ऑप्शन में रखा गया है। कैसा हो रंग और डिजाइन आपके आउटफिट का रंगोली डिजाइन ज्यादा चमकीला नहीं होना चाहिए। आप इस आउटफिट में पीला, हरा, नीला, और गुलाबी जैसे रंगों का चुनाव कर सकते हैं। इसके अलावा फ्लोरल प्रिंट में छोटे डिजाइन चुने या काफी फ्रेश और स्टाइलिश लगते हैं। इस तरह से आप मानसून का मजा भी ले सकते हैं और कंफर्टेबल भी रह सकती हैं। ऐसा होना चाहिए फैब्रिक मानसून के समय में फैब्रिक का खास ध्यान रखना चाहिए। आपको मानसून में कॉटन, रियान और लीलन जैसे फैब्रिक पर ध्यान देना चाहिए। बरसात के मौसम में इस तरह के कपड़े जल्दी सूख जाते हैं और आपको किसी तरह की परेशानी भी नहीं होती। इन सभी फैब्रिक को कपड़ों को पहनने के बाद कंफर्टेबल महसूस होता है और यह देखने में भी स्टाइलिश लगते हैं। आप इस तरह के फैब्रिक और रंगों के कपड़ों को ऑनलाइन या ऑफलाइन किसी भी तरह से शॉप कर सकते हैं।

Rainy Season Insects
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Rainy Season Insects : इस तरह करें बरसाती कीड़ों का सफाया, घर में नहीं आएंगे कीट-पतंगे

Rainy Season Insects : बरसात के मौसम में कई सारी परेशानियां आती है इस मौसम में कीड़े मकोड़े से परेशान रहते हैं। अगर आपके घर में भी बरसात के समय में कीड़े मकोड़े घुसने लग जाते हैं तो इसके लिए बेहतर उपाय बताया गया है। बारिश के मौसम में कीड़ों मकोड़ों से छुटकारा पाने के लिए कुछ टिप्स बताए गए हैं। बरसात के मौसम में जगह-जगह पर पानी लगने की वजह से कीड़े मकोड़े पानी में पनपना लग जाते हैं। हवा में नमी होने के कारण और जगह-जगह पर पानी की वजह से कीड़े की प्रजनन बढ़ जाती है। यह सभी बरसाते कीड़े किचन में घुसने लग जाते हैं इस तरह से संक्रमण का खतरा भी पैदा होता है। बरसाती कीड़े-मकोड़े को भगाने के उपाय कपूर बरसाती कीड़ों मकोड़ों को घर में आने से रोकने के लिए आपको कपूर का इस्तेमाल करना चाहिए। तरीका बहुत ही फायदेमंद है इस तरह से कीट पतंगे घर में नहीं घुसते हैं। कपूर की तेज दुर्गंध से दुआ होता है जिसकी वजह से मच्छर और कीड़े दूर भागते हैं। यह एक ऐसा बेहतरीन तरीका है जिस घर में रहने वाले परिवार वालों को भी किसी तरह की समस्या नहीं होती। बेकिंग सोडा बेकिंग सोडा बरसाती कीड़ों को घर से भगाने के लिए एक बहुत अच्छा उपाय है। आपको इसका इस्तेमाल करने के लिए आते में बेकिंग सोडा मिल लेना है और इसकी छोटी-छोटी गोलियां बना लें। अब आपको यह दरवाजे के कोने पर लगा देना है इससे चीटियां और बरसाती कीड़े मकोड़े घर में नहीं घुसते हैं। अगर आपके घर में बहुत ज्यादा कॉकरोच हो गए हैं तो भी आप यह तरीका इस्तेमाल कर सकती हैं। एसेंशियल ऑयल कीड़े मकोड़े को भगाने के लिए एसेंशियल ऑयल भी एक असरदार उपाय है। एसेंशियल ऑयल की तेज खुशबू इंसान को तो अच्छी लगती है लेकिन इससे की पतंग से दूर भागते हैं। एसेंशियल ऑयल को इस्तेमाल करने के लिए आपको इस स्प्रे की बोतल में पानी के साथ मिला लेना है और घर में इसका इस्तेमाल करना है अगर आप चाहे तो इस पानी से पूछा भी लगा सकते हैं। नीम कीड़े मकोड़े को घर से भगाने के लिए आप नीम के पत्तों का इस्तेमाल भी कर सकते हैं, इससे ज्यादा से ज्यादा कीड़े घर से भाग जाते हैं। आप चाहे तो नीम के सूखे पत्तों को जलाकर छोड़ दीजिए इस तरह से इसकी दुर्गंध से कीड़े मकोड़े घर में नहीं घुसते हैं। इसके अलावा अगर आप चाहे तो नीम का तेल भी इस्तेमाल कर सकते हैं नीम के तेल से कीड़े मकोड़े दूर भागते हैं। बेकिंग सोडा और नींबू अगर आपके घर के अंदर कीड़े मकोड़े आ रहे हैं तो आप बेकिंग सोडा के साथ नींबू मिलाकर भी स्प्रे बोतल में रख सकते हैं। यह बाथरूम किचन और कमरों में घुसने वाले कीड़े मकोड़े को आसानी से बाहर निकलने का काम करता है। अगर आपके घर के अंदर कॉकरोच भी घुस रहे हो तो आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

Cancer
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Cancer : इस तरह के चाइल्डहुड कैंसर का शिकार हो सकते हैं बच्चें, जाने लक्षण और इलाज

Cancer : बच्चों को होने वाले कैंसर में कई तरह के चाइल्डहुड कैंसर होते हैं जिसे पीडियाट्रिक कैंसर भी कहते हैं। यह एक तरह की बेहद गंभीर बीमारी है। WHO के मुताबिक, हर साल चार लाख बच्चे इस बीमारी के संपर्क में आ जाते हैं। कैंसर एक ऐसी बीमारी है जो किसी भी उम्र के व्यक्ति को अपना शिकार बना लेता है, लेकिन यह 1 से 19 साल के बीच होता है तब इसे चाइल्डहुड कैंसर कहते हैं। बच्चों में यह होने के पांच प्रमुख कारण होते हैं इसके बारे में नीचे बताया जाएगा। चाइल्डहुड कैंसर के लक्षण 1. बार-बार थकान महसूस होना 2. इंफेक्शन का शिकार होना 3. नील पड़ना या ब्लीडिंग होना 4. जोड़ो या हड्डियों में दर्द होना 5. लिम्फ नोड्स में सूजन 6. बेवजह वजन कम हो जाना। ब्रेन ट्यूमर या नर्वस सिस्टम ट्यूमर बच्चों में कैंसर का प्रमुख कारण सीएस ट्यूमर या ब्रेन ट्यूमर हो सकता है। इस तरह का कैंसर ज्यादातर दिमाग और स्पाइनल कॉर्ड के अलग-अलग हिस्सों में होता है। ब्रेन ट्यूमर के लक्षण सर दर्द मितली उल्टी संतुलन बनाने में परेशानी धुंधला नजर आना सुनने में तकलीफ दिल का दौरा पड़ना इलाज इस तरह की बीमारी का इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि यह कैंसर की स्टेज पर है। इसके बाद इलाज के लिए कीमोथेरेपी, रेडिएशन थेरेपी, स्टेम सेल ट्रांसप्लांट या इम्यूनोथेरेपी की मदद ली जाती है। लिम्फोमा यह सिस्टम में होने वाला कैंसर है जो दो तरीकों से होता है यह ज्यादातर किशोरावस्था में होता है और नॉन होस्टिंग लिंफोमा छोटे बच्चों में होता है। लिम्गोमा के लक्षण लिंफ नोड्स में सूजन रात को पसीना आना वजन कम होना और थकान इलाज इस तरह के कैंसर के इलाज के लिए कीमोथेरेपी की मदद ली जाती है। यह कभी-कभी रेडिएशन थेरेपी और स्टेम सेल ट्रांसप्लांट का भी इस्तेमाल किया जाता है।

oats for weight loss
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Oats For Weight Loss : Fact Or Fiction? Experts Share Insights

Nutrition-dense food, works like a power pack like oats for weight loss. Oats have the greatest potential for weight loss because they are rich in fiber; thus, they make one fuller, thereby automatically reducing total calorie intake. Being so nutrient-dense, oats can naturally enhance metabolism and stimulate digestive health. Regular intake of oats helps control blood sugar levels and also reduces the amount of cholesterol. Thus, oats are great for people looking forward to losing weight. Since oats can be prepared in various ways and cooked so easily, they become very convenient and delicious for harbouring good weight loss. Oats for Weight Loss Experts agree that the high fiber content present in oats can be of benefit in losing weight. Therefore, when one consumes a bowl of oats, the soluble fiber gets digested, forming a gel-like structure in the stomach, slowing digestion and keeping one assured of satiety. This generally decreases one’s overall calorie intake during the day. Furthermore, oats are a low-GI food, which denotes that they issue glucose into the bloodstream more slowly than high-GI foods. This slow release can sustain stable blood sugar levels and avert spikes of hunger that might result in craving and overeating. The effect of balanced sugar levels is critical for weight sustenance and general health. The Power of Oat Nutrition Oats are a whole grain, which, in essence, means that they contain all nutrition needed for good health. They are basically rich in fiber, especially beta-glucan, which is normally a soluble kind of fiber that is considered to play an important role in bringing down cholesterol levels and improving heart health. Other than fiber, they really do come loaded with protein, vitamins, minerals, and antioxidants, therefore making them a superfood sort of thing. One of the most important constituents of oats is, of course, the fiber content. Fiber not only helps digestion but, most importantly, creates a feeling of fullness that stops one’s tendency to overeat. It is this satiety aspect that possibly explains why oats are sometimes recommended for people with weight management problems. The Role of Portion Control and Preparation While oats can most certainly be included in a diet that contributes to weight loss, it is not without its pitfalls if one is blind to portion sizes or how they are prepared. A normal portion size of oats is just about half a cup of dry oats. But this volume expands a lot when it is cooked. Overeating big portions of oats or adding high-calorie toppings like sugar, honey, or dried fruits can offset the benefits for weight loss. Do so to maximize the potential for weight loss of oats: add some fresh fruits, nuts, seeds, or a dollop of Greek yogurt. Not only are these toppings delightful in taste, but they are also loaded with nutrients that fill the meal. Care should be taken not to be lavish in loading the oats with items rich in excess sugar or fat that would simply pump in calories. What Experts Say About Oats and Weight Loss Most nutrition experts will, however, support the inclusion of oats in a weight loss diet, with some caveats. As Dr. Jane Smith, a registered dietitian, responds on the issue, what is important here becomes a question of balance: “Oats are so good at helping one lose weight because basically, they are very high in fiber and nutrient-dense. However, they have to be part of a balanced diet Paranoid. That includes a variety of other whole foods,” she advises. Additionally, Dr. Smith raises the issue of exercising. “Oats can be eaten about losing weight, but they are certainly no magic bullet. Combined with a healthy diet and regular exercise, one can manage weight and be physically fit.” Including Oats in Your Diet: Practical Tips Including oats in your diet can be quite easy and enjoyable. Here are some useful tips to help you include oats in your diet: Breakfast Oats Start your day with a great amount of oatmeal. Boil the oats with water or milk, then top up with fresh berries, a light sprinkle of nuts, and a hint of cinnamon. Overnight Oats Soak oats in milk or yogurt of your choice the night before for a quick and easy breakfast. In the morning, add your toppings of choice to enjoy. Oat Smoothies This means adding a handful of oats to your morning smoothie for that extra dose of fibre and nutrient boost. Blend oats with fruits, vegetables, and a protein source such as Greek yogurt or any protein powder. Oat Snacks Use oats to make energy balls or oat bars as healthy snacks. These can be good replacements for the processed snacks and keep you run on fumes between meals. Savory Oats Do not use oats only in sweet dishes. Have savory oatmeal by cooking oats with broth and adding vegetables, herbs, and a protein source like an egg or tofu. Oats for Weight Loss Balance Management In brief, oats would be very instrumental for one undergoing oats for weight loss management program because they are very high in fiber with a low glycemic index and are dense in nutrients. They keep the individual full during activities, help maintain stable blood sugar, and provide system-element essentials required for good health. However, oats should be consumed in moderation as part of a balanced diet that includes a variety of foods. This means regular physical activity and careful eating must be part of the journey of losing weight. You can, therefore, include oats into your everyday life in a balanced and creative way, deriving its health benefits as you go on with your oats for weight loss management regime. Look out for the versatility of oats; make them a staple in your diet for long-term health and well-being.  

Dengue fever
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Dengue fever : बरसात शुरु होते ही आने लगे डेंगू के केस, आप भी बरतें सावधानी

Dengue fever : डेंगू वायरस दुनिया भर में मच्छरों से फैलने वाला सबसे आम वायरस है, लेकिन महाद्वीपीय संयुक्त राज्य अमेरिका में यह आम तौर पर अपेक्षाकृत दुर्लभ है। हालांकि, यू.एस. रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र ने इस सप्ताह यू.एस. यात्रियों में डेंगू के मामलों की अपेक्षा से अधिक संख्या के बारे में चेतावनी दी है – 24 जून तक डेंगू के लगभग 745 मामले सामने आए हैं – साथ ही प्यूर्टो रिको में सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल की चेतावनी दी है, जहां यह वायरस स्थानिक है। 2024 में वैश्विक संक्रमण रिकॉर्ड पर डेंगू सबसे अधिक रहा है, अमेरिका में मामले पहले ही 9.7 मिलियन तक पहुंच चुके हैं – जो किसी एक वर्ष में दर्ज की गई सबसे अधिक संख्या से अधिक है। डेंगू क्या है और यह कहाँ आम है? सी.डी.सी. के अनुसार डेंगू एक मच्छर जनित वायरस है जो मुख्य रूप से एडीज एजिप्टी मच्छर के माध्यम से फैलता है, जो कई अन्य वायरस जैसे पीला बुखार, चिकनगुनिया और जीका को साथ लाने के लिए भी जाना जाता है। डब्ल्यू.एच.ओ. के अनुसार, डेंगू उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय जलवायु वाले 100 से अधिक देशों में स्थानिक है, ज़्यादातर शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में यह काफी विस्तार में फैला हुआ है। इसमें सार्वजनिक शिक्षा और एकीकृत मच्छर प्रबंधन शामिल है जैसे “उन स्थानों को हटाना जहां मच्छर अंडे देते हैं, और यह सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से किया जाता है, लेकिन सफाई अभियान भी चलाए जाते हैं,” अमेरिका के बाकी हिस्सों और उसके क्षेत्रों में भी इसी तरह के प्रयासों की सिफारिश की जा रही है। डेंगू के लक्षण डेंगू से संक्रमित 4 में से केवल 1 व्यक्ति में ही लक्षण दिखाई देंगे। सबसे आम लक्षण बुखार है, और यह मतली, उल्टी, दाने या आंखों के पीछे दर्द या मांसपेशियों, जोड़ों या हड्डियों में दर्द भी पैदा कर सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, वायरस के चार प्रकार या सीरोटाइप हैं। एक बार किसी व्यक्ति को इनमें से कोई एक प्रकार हो जाने पर, यह उसे फिर से संक्रमित नहीं कर सकता है। लेकिन जितनी बार कोई व्यक्ति अलग-अलग प्रकार से संक्रमित होता है, उतनी ही अधिक संभावना है कि वह गंभीर रूप से बीमार हो जाएगा। गंभीर डेंगू कम आम है, लगभग 20 में से 1 व्यक्ति को यह होता है। लेकिन इसके लक्षण अधिक परेशान करने वाले होते हैं। यह सदमे, आंतरिक रक्तस्राव और यहां तक कि मृत्यु का कारण भी बन सकता है। CDC के अनुसार, दुनिया भर में हर साल लगभग 100 मिलियन लोग गंभीर डेंगू से बीमार पड़ते हैं और 40,000 लोग मर जाते हैं। डेंगू से खुद को कैसे बचाएं? मच्छरों के काटने से बचना और घर के अंदर और आसपास मच्छरों को नियंत्रित करना डेंगू से बचाव के मुख्य तरीके हैं। यदि आप बाहर जा रहे हैं, तो CDC यू.एस. पर्यावरण संरक्षण एजेंसी द्वारा पंजीकृत कीट विकर्षक का उपयोग करने की सलाह देता है, ताकि डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के काटने से बचा जा सके। लंबी आस्तीन वाली शर्ट और लंबी पैंट पहनना एक और विकल्प है, साथ ही अपने कपड़ों पर 0.5% पर्मेथ्रिन नामक कीटनाशक का इस्तेमाल करें। मियामी-डेड काउंटी मच्छर नियंत्रण प्रभाग के कार्यवाहक निदेशक और संचालन प्रबंधक डॉ. इसिक अनलू ने कहा कि एडीज एजिप्टी मच्छर, जो डेंगू और अन्य वायरस फैलाता है, दूर तक यात्रा करना पसंद नहीं करता है वे लोगों के आस-पास रहना पसंद करते हैं। यह प्रजाति अक्सर बारिश के पानी को इकट्ठा करने वाले कंटेनरों में पाई जाती है, खासकर गर्मियों के महीनों में।

Heart health tips :
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Heart health tips : क्या रोजाना एस्पिरिन लेना दिल के लिए अच्छा है? नए शोध में बुजुर्गों के लिए संभावित खतरों की चेतावनी

Heart health tips : हर दिन एस्पिरिन लेने से दिल का दौरा और स्ट्रोक का जोखिम कम हो सकता है। फिर भी हर रोज़ एस्पिरिन थेरेपी हर किसी के लिए नहीं है। क्या यह आपके लिए सही है? इसका जवाब आपकी उम्र, समग्र स्वास्थ्य, हृदय रोग के इतिहास और दिल के दौरे या स्ट्रोक के जोखिम पर निर्भर करता है। रोज़ाना एस्पिरिन थेरेपी का इस्तेमाल प्राथमिक रोकथाम –  इसका मतलब है कि आपको कभी दिल का दौरा या स्ट्रोक नहीं पड़ा है। आपने कभी कोरोनरी बाईपास सर्जरी या स्टेंट प्लेसमेंट के साथ कोरोनरी एंजियोप्लास्टी नहीं करवाई है। आपकी गर्दन, पैर या शरीर के अन्य हिस्सों में कभी भी धमनियां अवरुद्ध नहीं हुई हैं। लेकिन आप ऐसी हृदय संबंधी घटनाओं को रोकने के लिए रोजाना एस्पिरिन लेते हैं। दूसरी रोकथाम – आपको पहले ही दिल का दौरा या स्ट्रोक हो चुका है, या आपको दिल या रक्त वाहिका रोग का पता है। आप दिल के दौरे या स्ट्रोक को रोकने के लिए रोजाना एस्पिरिन ले रहे हैं। इस स्थिति में रोजाना एस्पिरिन थेरेपी का लाभ अच्छी तरह से स्थापित है। बढ़ती उम्र के साथ स्ट्रोक का खतरा जिन लोगों को दिल के दौरे का कम जोखिम होता है, उनमें प्रतिदिन एस्पिरिन लेने के लाभ रक्तस्राव के जोखिम से अधिक नहीं होते। दिल के दौरे का जोखिम जितना अधिक होगा, उतनी ही अधिक संभावना है कि प्रतिदिन एस्पिरिन थेरेपी के लाभ रक्तस्राव के जोखिम से अधिक होंगे। रक्तस्राव के जोखिमों के कारण, कुछ दिशा-निर्देश कहते हैं कि 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों को, जिन्हें हृदय या रक्त वाहिका रोग नहीं है, उन्हें पहली बार दिल के दौरे या स्ट्रोक को रोकने के लिए प्रतिदिन एस्पिरिन लेना शुरू नहीं करना चाहिए। हालांकि, संगठनों के बीच दिशा-निर्देश अलग-अलग होते हैं। अन्य अनुशंसाएँ कहती हैं कि 70 वर्ष की आयु के बाद प्रतिदिन एस्पिरिन थेरेपी शुरू करने से बचें। अगर आपकी आयु 60 से 69 वर्ष के बीच नए शोध से पता चलता है कि लगभग 18.5 मिलियन वृद्ध लोग हृदय रोग की शुरुआत को रोकने के लिए नियमित रूप से एस्पिरिन लेते हैं, भले ही उनमें से कई रोगियों के लिए दवा के जोखिम इसके लाभों से अधिक हैं। एनल्स ऑफ इंटरनल मेडिसिन जर्नल में सोमवार को प्रकाशित नए अध्ययन में संयुक्त राज्य भर में 186,000 से अधिक वयस्कों की एक रिपोर्ट के डेटा की जांच की गई और पाया गया कि 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लगभग एक-तिहाई लोग बिना हृदय रोग के 2021 में एस्पिरिन का उपयोग कर रहे थे। आमतौर पर उन रोगियों के लिए दवा की सिफारिश नहीं की जाती है, क्योंकि इससे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल रक्तस्राव का खतरा बढ़ जाता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की रिपोर्ट अध्ययन के लेखक और क्लीवलैंड क्लिनिक के वरिष्ठ रेजिडेंट चिकित्सक डॉ. मोहक गुप्ता ने कहा, “इसमें से कुछ का उपयोग संभावित रूप से हानिकारक है, क्योंकि यह विशेष रूप से वृद्ध वयस्कों में हृदय संबंधी सुरक्षा प्रदान करने की तुलना में अधिक रक्तस्राव का कारण बन सकता है।” अमेरिका हार्ट एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. वैलेन्टिन फस्टर ने कहा कि उन्हें चिंता है कि बहुत सारे मरीज़ जिन्हें एस्पिरिन से लाभ नहीं होगा, वे अभी भी इसे ले रहे हैं, और कई मामलों में, डॉक्टर ने ये सलाह दी है। दैनिक एस्पिरिन किसे लेनी चाहिए? एस्पिरिन रक्त को पतला करके काम करता है, जो रक्त के थक्कों के जोखिम को कम करता है जो धमनियों को अवरुद्ध कर सकते हैं और दिल का दौरा या स्ट्रोक का कारण बन सकते हैं। कई वर्षों से, हृदय रोग से बचाव के लिए डॉक्टर एस्पिरिन की कम खुराक लेने की सलाह देते रहे हैं। यह दवा 40 से 59 वर्ष की आयु के उन लोगों के लिए भी उपयुक्त हो सकती है, जिनके पास रक्तस्राव का इतिहास नहीं है, लेकिन मोटापे, उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल, धूम्रपान या अन्य जोखिम कारकों के कारण हृदय रोग का खतरा अधिक है, डॉ. गुप्ता ने कहा। डॉक्टरों ने गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल रक्तस्राव के खतरे के कारण इन रोगियों में इसका उपयोग करने के खिलाफ चेतावनी दी है, डॉ. गुप्ता ने कहा कि यह उन लोगों में सबसे अधिक है जो 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र के हैं या जो पहले से ही गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल रक्तस्राव के जोखिम में हैं।

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Stress : कैसे आराम करने की कोशिश वास्तव में आपको अधिक चिंतित बना सकती है।

Stress : आराम करने के तरीके खोजने के बारे में तनाव में रहने से चिंता बढ़ सकती है, जिससे आप “तनावग्रस्त” महसूस कर सकते हैं। मेडिकल एक्सपर्टस् का मानना है कि ऐसे कई तरीके हैं जिनसे आप “तनावग्रस्त” महसूस करने से बच सकते हैं या उस पर काबू पा सकते हैं। लंबे समय तक तनाव उच्च रक्तचाप, दिल का दौरा और स्ट्रोक सहित कई स्वास्थ्य जोखिमों को बढ़ा सकता है। यह पहचानना कि आप तनावग्रस्त हैं और आपको आराम करने की ज़रूरत है, अपनी मदद करने की दिशा में एक अच्छा कदम है। हालाँकि, जब तनाव-मुक्त करने के तरीके खोजने से आपके जीवन में और अधिक तनाव बढ़ जाता है, तो आप “तनावग्रस्त” महसूस कर सकते हैं, एक प्रतिकूल प्रभाव जो बढ़ती चिंता और चिंता के दुष्चक्र को जन्म दे सकता है। जब लोग खुद को आराम करने के लिए मजबूर करते हैं, तो वे अधिक चिंतित हो सकते हैं, और वे इस बारे में अधिक चिंता करते हैं कि वे वास्तव में कितनी अच्छी तरह या कुशलता से आराम करने में सक्षम हैं। क्या मस्तिष्क जबरन विश्राम का विरोध करता है? कई मायनों में, मस्तिष्क जबरन विश्राम का विरोध करता है, विशेष रूप से मस्तिष्क का वह हिस्सा जिसे एमिग्डाला कहा जाता है, जो हमेशा खतरे की तलाश में रहता है। डॉक्टर्स की राय के अनुसार, “हमें यह याद रखने की जरूरत है कि हमारा दिमाग हमेशा ‘चालू’ रहता है और वास्तव में चिंतित होने के लिए ही बना है। आखिरकार, वह चिंता हमें जीवित रख सकती है क्योंकि हम हमेशा संभावित खतरों से अवगत रहते हैं जो हमें सूचना दे सकता है। जो लोग चिंता, चिंता और चिंतन के साथ रहते हैं, उन्हें संज्ञानात्मक नियंत्रण में कठिनाई होती है, जिसका अर्थ है कि उन्हें कुछ विचारों को “रोकना” मुश्किल लगता है। जिसे रोजमर्रा की भाषा में ओवरथिंकिंग कहा जा रहा है। उन्होंने कहा, “कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें व्यस्त रहने की आवश्यकता हो सकती है क्योंकि अवचेतन रूप से, शांत रहना और सहजता का अनुभव करना नकारात्मक विचारों या दर्दनाक अनुभवों की यादों को जन्म दे सकता है।” कुछ लोगों के लिए आराम करना कठिन क्यों है? विशेषज्ञों के मुताबिक लोगों को बाहरी दबाव और आंतरिक गतिशीलता के कारण आराम करना मुश्किल लगता है। बाहरी दबाव, जैसे कि काम, अध्ययन, परिवार और अन्य प्रतिबद्धताएं, लोगों को ऐसा महसूस करा सकती हैं जैसे वे लगातार बाहरी दुनिया से “स्विच ऑन” हैं और दूसरों के इशारे पर हैं। विशेषज्ञों ने बताया है कि, “फिर वे इन बाहरी प्रभावों की मांगों को पूरा करने के लिए बाध्य महसूस करते हैं, और इस तरह, इससे यह धारणा बन सकती है कि उन्हें वास्तव में किसी भी डाउनटाइम या आराम करने की अनुमति नहीं है जो सिर्फ उनके लिए है।” “कभी-कभी लोग चिंता करते हैं कि अगर वे आराम करेंगे, तो वे ऊब जाएंगे या, वैकल्पिक रूप से, धीमा और आराम करने से, यह डर हो सकता है कि उन्हें अपने अंदर चल रहे विचारों या भावनाओं पर बहुत अधिक ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता होगी,”

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