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Fake Ayurvedic Medicine: दिल्ली पुलिस ने नकली आयुर्वेदिक उत्पाद विज्ञापनों से जुड़ी साइबर धोखाधड़ी पर लिखा मुकदमा

Fake Ayurvedic Medicine: दिल्ली पुलिस ने एक आयुर्वेद मर्चेंडाइज फर्म(Ayurveda Merchandise Firm) को निशाना बनाकर साइबर धोखाधड़ी की जांच शुरू की है। इस मामले में दर्ज एफआईआर के अनुसार, सन्यासी आयुर्वेद के एक निदेशक ने आरोप लगाया था कि कुछ धोखेबाज उनके ब्रांड के प्रचार वीडियो का इस्तेमाल कर रहे हैं। शिकायतकर्ता ने अपना नाम गुप्त रखने की इच्छा जताते हुए कहा कि उनकी कंपनी के नाम और वीडियो का प्रयोग बिना उनके परमिशन के ऑनलाइन नकली आयुर्वेदिक उत्पाद(Fake Ayurvedic Medicine) बेचने में हो रहा है जिस पर उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात किया है।पुलिस ने पिछले साल 27 दिसंबर को इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी। पैसे लेकर नकली दवाइयां बेची जा रही (Fake Ayurvedic Medicine) एफआईआर में कहा गया है,एक रैकेट/गिरोह पैसे के लिए नकली दवाएं बेच रहा है,संगठित अपराध,धोखाधड़ी और जालसाजी कर रहा है,जो हजारों लोगों की जान जाने के रूप में समाज के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है।शिकायतकर्ता ने दावा किया कि उनका ब्रांड विश्व प्रसिद्ध है और भारत तथा विदेशों में इसके बहुत ज्यादा ग्राहक हैं। 27 नवंबर को, मेरे छोटे भाई को ब्राउज़ करते समय एक सोशल मीडिया विज्ञापन मिला, जिसमें मेरे रिकॉर्ड किए गए वीडियो विज्ञापन तथा हमारी कंपनी के नाम का बिना अनुमति के दुरुपयोग किया गया था,” व्यक्ति ने अपनी शिकायत में कहा। उन्होंने पुलिस को जानकारी देते हुए बताया कि विज्ञापन उनके ब्रांड नाम से पंजीकृत एक फर्जी पेज पर पोस्ट था।इस पेज के पीछे के उपयोगकर्ता ने मेरे वीडियो तथा कंपनी के नाम का उपयोग नकली दवाओं को बढ़ावा देने तथा बेचने के लिए किया। मेरे छोटे भाई ने दिए गए नंबर पर कॉल किया। टेली-कॉलर ने कंपनी का प्रतिनिधि होने का झूठा दावा किया। उसी दिन, मेरे भाई ने दवा का ऑर्डर दिया, जो 1 दिसंबर को 1,800 रुपये कैश ऑन डिलीवरी पर प्राप्त हुई,” उसने कहा। उसकी शिकायत के अनुसार, उसे जो पैकेज मिला, उसमें प्रेषक का पता नहीं था। हालांकि, कूरियर एजेंसी ने प्रेषक का पता दिया, जो गाजियाबाद में स्थित था। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद दक्षिण-पूर्वी जिले के साइबर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। अधिकारी ने बताया, “एफआईआर दर्ज करने के बाद हमने मामले की जांच के लिए कई टीमें बनाई हैं। टीमें सभी तथ्यों की जांच कर रही हैं और जल्द ही दोषियों को पकड़ लिया जाएगा।”

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Winter Tips: आयुर्वेद का इस्तेमाल कर सर्दियों के मौसम में बीमारियों से करें बचाव

Winter Tips: बढ़ती ठंड के साथ जहां लोग गर्म पानी का सेवन करते हैं तो वहीं गर्म कपड़े पहन कर अपने आपको ठंड से बचाते हैं. इस समय प्रतिदिन तापमान में गिरावट देखी जा रही है. इस स्थिति में लोगों को ठंड से बचने के लिए आयुर्वेद(Ayurveda) का इस्तेमाल काफी लाभकारी होगा. आयुर्वेदिक डॉक्टर सुनील द्विवेदी(Sunil Dwivedi) ने कहा कि वैसे नियमित खान पान और ठंड के मौसम में मौसम के अनुसार फल और सब्जी का सेवन कर और नियमित व्यायाम और योगा कर ठंड के प्रभाव से बचा जा सकता है. लेकिन इसके साथ आयुर्वेदिक जड़ी बूटी और मसालों को इस्तेमाल कर ठंड से बचा जा सकता है. उन्होंने कहा कि सभी लोगों को सुबह उठ कर अपनी दिनचर्या को समयानुसार रखना चाहिए. सबसे पहले उठकर अचानक बिस्तर से उतर कर बाहर ना जायें. उठने के बाद बिस्तर पर ही 10 मिनट तक स्ट्रेचिंग करें. दोनों हथेलियों और पैर के तलवे को 2 से 5 मिनट तक रगड़े ताकि सोने के समय जो रक्त का संचार धीमा हो गया है वो पूरी तरह से पूरे शरीर मे संचारित हो जाए. उसके बाद हल्की गुनगुना पानी पीकर घर में ही टहलें. उन्होंने कहा इसके बाद नियमित क्रिया से निवृत होकर योगा या व्यायाम करें. उन्होंने कहा कम से कम आधा घण्टा नियमित तौर पर योगा करें. उसके बाद कुछ आराम के बाद चार पत्ती तुलसी,थोड़ा कालीमिर्च,अदरख,काला नमक, शक्कर और नींबू को मिलाकर चाय की तरह बनाकर इस्तेमाल करें. उन्होंने कहा कि ठंड में लोग पानी का कम इस्तेमाल करते हैं जो हानिकारक साबित हो सकता है. इसलिए दिन भर में हल्का गुनगुना पानी कम से कम पांच लीटर तक पीएं. ठंड से बचने के लिए निम्न उपाय(Winter Tips) गर्म,पौष्टिक भोजन करें: सर्दियों में गर्म,पौष्टिक भोजन करने से शरीर गर्म रहता है. अपने आहार में घी,तिल का तेल,जड़ वाली सब्ज़ियां,सूप और स्टू शामिल करें. अदरक,दालचीनी और लौंग वाली हर्बल चाय पिएं: यह पाचन अग्नि को जलाने और शरीर को गर्म रखने में मदद करती है. तुलसी,अदरक,काली मिर्च और लौंग से बना काढ़ा पिएं: यह इम्यूनिटी मज़बूत करता है और वायरल इंफ़ेक्शन से बचाता है. गिलोय का रस लें: सुबह खाली पेट गर्म पानी के साथ दो चम्मच गिलोय का रस लें. शहद का सेवन करें: शहद गले की खराश से राहत देता है. भांप लें: भाप में सांस लेने के लिए उबले हुए पानी में कुछ अजवायन,नीलगिरी का तेल या हल्दी मिलाएं. हल्दी वाला दूध पिएं: सर्दी-जुकाम होने पर हल्दी वाला दूध पीना फ़ायदेमंद होता है. ठंड से बचने के लिए ये उपाय भी अपनाएं: सुबह-शाम गरम कपड़े पहनें, गुनगुने पानी का सेवन करें.

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Winter Energy: सर्दियों में आलस को कहें अलविदा, रोजाना पिएं यह नेचुरल जूस, पाएं भरपूर एनर्जी

Winter Energy: सर्दियों में अक्सर लोग सुस्ती और आलस महसूस करते हैं. अगर आप भी दिनभर एनर्जेटिक (Energetic) रहना चाहते हैं, तो अपनी डाइट में नेचुरल जूस (Natural Juice) शामिल करें. ये औषधीय गुणों से भरपूर जूस न केवल आपके शरीर को ऊर्जा प्रदान करेंगे, बल्कि ओवरऑल हेल्थ (Overall Health) को भी बेहतर बनाएंगे। आइए जानते हैं इन जूस के कुछ बेहतरीन हेल्थ बेनिफिट्स (Health Benefits). 1. चुकंदर का जूस: बीटरूट का जादू(Winter Energy) चुकंदर का जूस (Beetroot Juice) सर्दियों में सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. यह आपके एनर्जी लेवल्स (Energy Levels) को बूस्ट करता है और आपकी त्वचा को प्राकृतिक चमक (Natural Glow) प्रदान करता है. चुकंदर में आयरन, विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं. इसे सुबह के समय पीने से पूरे दिन आप एक्टिव महसूस करेंगे. 2. गाजर का जूस: विटामिन ए का पावरहाउस गाजर का जूस (Carrot Juice) सर्दियों में न केवल ऊर्जा देता है, बल्कि आपके शरीर को विटामिन ए और फाइबर की सही मात्रा भी प्रदान करता है. वर्कआउट से पहले इसे पीने से आपकी परफॉर्मेंस बेहतर हो सकती है. यह जूस न केवल आपकी त्वचा को निखारता है बल्कि आंखों की रोशनी (Eye Health) को भी बढ़ाने में मदद करता है. 3. सेब का जूस: मेटाबॉलिज्म बूस्टर सेब का जूस (Apple Juice) एनर्जी के साथ-साथ मेटाबॉलिज्म (Metabolism) को बढ़ाने में भी मदद करता है. यह फाइबर रिच (Fiber-Rich) जूस आपकी गट हेल्थ (Gut Health) को सुधारता है और वेट लॉस (Weight Loss) में भी सहायक है. नियमित रूप से सेब का जूस पीने से आप सर्दियों में भी हल्कापन और ताजगी महसूस करेंगे. 4. मिक्स जूस: तीन गुना फायदे चुकंदर, गाजर और सेब को मिलाकर बनाए गए मिक्स जूस (Mix Juice) को भी अपनी डाइट में शामिल करें. यह जूस तीनों के गुणों को एक साथ समेटे हुए है और आपकी ओवरऑल हेल्थ को बूस्ट करने में मदद करता है. इसे सर्दियों में नियमित रूप से पीने से न केवल आपकी एनर्जी बनी रहेगी, बल्कि यह आपकी इम्यूनिटी (Immunity) को भी मजबूत बनाएगा. इस सर्दी, इन हेल्दी जूस को अपनी डेली रूटीन (Daily Routine) में शामिल करें और आलस को हमेशा के लिए दूर भगाएं! यह भी पढ़ें – Ayurvedic Ginger Tips: सर्दियों में सेहत का खजाना, आयुर्वेद के अनुसार अदरक खाने का सही तरीका

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Ayurvedic Ginger Tips: सर्दियों में सेहत का खजाना, आयुर्वेद के अनुसार अदरक खाने का सही तरीका

Ayurvedic Ginger Tips: सर्दियों में अदरक (Ginger) को सेहत का खजाना माना जाता है। इसमें विटामिन सी, कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन, जिंक, कॉपर, मैंगनीज और एंटीऑक्सीडेंट्स (Antioxidants) जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं. आयुर्वेद के अनुसार, अदरक का सेवन सर्दी, खांसी और जुकाम जैसी समस्याओं से बचाव में बेहद फायदेमंद है. इसके अलावा, यह इम्यून सिस्टम (Immune System) को मजबूत बनाने में भी मदद करता है, जिससे बार-बार बीमार पड़ने का खतरा कम हो जाता है. सही तरीका: अदरक और शहद का सेवन(Ayurvedic Ginger Tips) आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक, अदरक को शहद (Honey) के साथ खाना सेहत के लिए सबसे अच्छा तरीका है. इसके लिए एक चम्मच अदरक का रस निकालें और उसमें शहद मिलाएं। इस मिश्रण का रोजाना सेवन सर्दियों में बेहद फायदेमंद हो सकता है. इसके अलावा, आप अदरक के दो से तीन छोटे टुकड़ों को चबा सकते हैं, जो भूख बढ़ाने और पाचन (Digestion) को सुधारने में मददगार है. पाचन और गट हेल्थ के लिए लाभदायक अदरक आपकी गट हेल्थ (Gut Health) को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है. यह गैस, पेट दर्द और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करता है. अदरक का नियमित सेवन जोड़ों के दर्द (Joint Pain) को कम करने में भी कारगर साबित हो सकता है. इसका इस्तेमाल उन लोगों के लिए भी फायदेमंद है, जो पाचन समस्याओं से परेशान रहते हैं. दिल और डायबिटीज पेशेंट्स के लिए वरदान अगर आप नियमित रूप से अदरक का सही मात्रा में सेवन करते हैं, तो यह आपकी दिल की सेहत (Heart Health) को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है. यह कोलेस्ट्रॉल लेवल (Cholesterol Level) को नियंत्रित करने और दिल से जुड़ी बीमारियों के खतरे को कम करने में कारगर है. डायबिटीज (Diabetes) के मरीज भी अदरक का सेवन कर सकते हैं. कुल मिलाकर, अपने डेली डाइट प्लान (Daily Diet Plan) में अदरक को शामिल करना आपकी सेहत को हर तरह से मजबूत बना सकता है.

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Sprouts In Breakfast: ब्रेकफास्ट में खाएं स्प्राउट्स, दिनभर एनर्जेटिक रहने का सबसे है बेहतरीन तरीका

Sprouts In Breakfast: अगर आपको भी दिन भर के कामकाज के लिए एनर्जेटिक रहना है तो ब्रेकफास्ट पर खास ध्यान देना होगा. सुबह का नाश्ता ही हमें दिन भर के काम के लिए तैयार करता है. अगर आपको फिजिकल और मेंटली फिट रहना है तो कई तरह के स्प्राउट्स (Sprouts) होते हैं जिसे आप अपनी ब्रेकफास्ट(Sprouts In Breakfast) में शामिल कर सकते हैं. अंकुरित अनाज को स्प्राउट्स कहा जाता है जिसमें प्रोटीन फाइबर और विटामिन भरपूर मात्रा में होता है. इन चीजों को खाने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है और हेल्दी एनर्जेटिक बनाने का काम करता है. मूंग दाल स्प्राउट्स(Moong Dal Sprouts) इस तरह के स्प्राउट्स में फाइबर और विटामिन पाया जाता है, जो आपके शरीर में इसकी कमी को पूरा करता है. अगर आप वेट लॉस कर रहे हैं तो वेट लॉस जर्नी में यह काफी फायदेमंद है. मूंग दाल के स्प्राउट्स मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है और पाचन तंत्र को हेल्दी रखता है. आपको रोजाना अपने नाश्ते में हल्का नमक काली मिर्च मिलाकर इसे खाना चाहिए. चने का स्प्राउट्स (Chickpea Sprouts) आपको काले चने के स्प्राउट्स ब्रेकफास्ट में जरूर खाने चाहिए इसमें आयरन, प्रोटीन भरपूर मात्रा में होता है. यह आपकी मांसपेशियों को मजबूत बनाता है और एनीमिया से बचने का काम करता है। काले चने को भिगोकर खा सकते हैं. सोयाबीन (Sprouts In Breakfast) सोयाबीन का स्प्राउट्स हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद है. इसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड होते हैं जो मांसपेशियों को जनरेट करते हैं. यह आपके हार्मोंस और मेंटल हेल्थ को भी अच्छी तरह से बैलेंस करता है. मूली के बीज (radish sprouts) सुबह-सुबह के ब्रेकफास्ट में आपको मूली स्प्राउट्स खाना चाहिए यह आपकी बॉडी को डिटॉक्स करता है. इसके अलावा शरीर को साफ करके पाचन को सुधारने में मदद करता है. गेहूं के बीज सुबह के ब्रेकफास्ट में आपको गेहूं का बीज भी खाना चाहिए यह फाइबर से भरपूर होता है जो हमारी त्वचा को चमकदार बनाने का काम करता है. इसके अलावा यह हमारे मेटाबॉलिज्म को भी ठीक करता है और एनर्जी देता है.

Carrot Eating Benefits
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Carrot Eating Benefits: कई बीमारियों को दूर करता है गाजर, जानें इसकी तासीर गर्म होगी या ठंडी

Carrot Eating Benefits: सर्दियों के मौसम में मार्केट में गाजर(Carrot) खूब बेचा जाता है. गाजर से बना हुआ हवा, सूप, सलाद और सब्जी जूस के रूप में लोग इसका सेवन करते हैं. गाजर में मिलने वाला बीटा कैरोटीन और फाइबर हमारे शरीर को कई तरह से लाभ देता है. गाजर में विटामिन ए, विटामिन सी और विटामिन के पाया जाता है जो हमारे शरीर के लिए फायदेमंद(Carrot Eating Benefits) है. गाजर खाने से शरीर में होने वाली कई बीमारियों से राहत मिलती है. सर्दियों के मौसम में गाजर खाना बहुत फायदेमंद होता है. बहुत कम लोगों को पता है की गाजर की तासीर ठंडी होती है या गरम. कैसी होती है गाजर की तासीर(Carrot Eating Benefits) गाजर की तासीर के बारे में जाने तो यह बिल्कुल गर्म होता है और ना ही पूरी तरह से ठंडा होता है. यह नॉर्मल होता है गाजर हल्का मीठा होता है वह ठंडा कहलाता है. वहीं जो गाजर खाने में कड़वा लगता है वह गर्म होता है. गाजर की तासीर को पहचानने के लिए स्वाद पर निर्भर करता है.सर्दियों के मौसम में गाजर का सेवन करने से कई बीमारियों से छुटकारा मिलता है. कैंसर(Cancer) कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिससे व्यक्ति परेशान रहता है लेकिन अगर आप गाजर खाते हैं तो यह आपकी परेशानी को कम करने का काम करता है. गाजर में मौजूद बीटा केराटिन कैंसर के विकास को रोकता है. रौशनी अगर आप गाजर का सेवन करते हैं तो इस तरह से आपकी आंखों की रोशनी तेज हो जाती है. आपके शरीर में अगर विटामिन ए की कमी है तो गाजर उसे पूरा करता है. पाचन गाजर खाने से पाचन की समस्या भी ठीक हो जाती है. गाजर में मिलने वाला फाइबर आपके डाइजेस्टिव सिस्टम के लिए बेस्ट होता है. अगर आपको गैस्टिक की प्रॉब्लम भी हो रही है तो गाजर का जूस इस समस्या में काम आता है. इम्मून सिस्टम गाजर खाने से आपकी इम्यूनिटी सिस्टम भी मजबूत हो जाती है. गाजर में मौजूद विटामिन सी शरीर को दुरुस्त रखता है और आपको कोई भी बीमारी जल्दी नहीं लगती है.

Benefits of Peepal leaves
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Benefits of Peepal leaves: औषधि गुणों का खान है पीपल का पेड़, पत्ता और छाल से कई बीमारियों का कर सकते है इलाज

Benefits of Peepal leaves: आप लोगों के आस पास पीपल(Peepal) का पेड़ जरूर लगा होगा. दिव्य वृक्ष अर्थात पीपल के पेड का धार्मिक और संस्कृतिक महत्व होता है. पूजा पाठ में इस पेड़ की पूजा की जाती है. ज्यादातर शनिवार को लोग पीपल के पेड़ के नीचे दीया जलाते हैं. वही लोगों का मानना हैं कि पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर तप,योग और साधना करने से शांति और ज्ञान मिलता है. पीपल के पेड़ और उसके पत्तों का इस्तेमाल धार्मिक ही नहीं बल्कि कई प्रकार से आयुर्वेदिक दवाओं(Ayurvedic Medicines) में भी किया जाता है. इनमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं जो सूजन और दर्द को दूर भगाते हैं।पीपल पत्ते खाने से इम्यूनिटी मजबूत होती है. शरीर को इंफेक्शन से बचाने में मदद मिलती है. सांस के मरीज खांसी,अस्थमा और ब्रोंकाइटिस जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए पीपल के पत्तों का इस्तेमाल कर सकते हैं. आचार्य बालकृष्ण के अनुसार दिव्य वृक्ष यानि पीपल के पत्तों का उपयोग करके पाचन क्रिया में सुधार लाया जा सकता है. पीपल के पत्तों के प्रयोग से गैस, एसिडिटी,अपच और दस्त जैसी समस्याओं में राहत हो सकती है. त्वचा संबंधित रोगों के लिए भी पीपल के पत्तों का प्रयोग दवा की तरह कर सकते हैं. आंतों को स्वस्थ बनाने में मददगार हैं।पीपल के पत्तों में फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता हैं. इनको खाने से पाचन क्रिया को मजबूत किया जा सकता है. इनका प्रयोग करने से आंतों की एक्टिविटी बढ़ाती है जिससे कब्ज की समस्या दूर होती है. पीपत के पत्तों का सेवन करने से आंतों की सफाई होती है और इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण आंतों में आई किसी तरह की सूजन को भी रोकते हैं. पीपल के पत्तों को खाने से डायरिया जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है. पीपल के पत्तों का सेवन करने से पेट,आंत और शरीर का खून साफ होता हैं. पीपल के पत्ते आंतों और पेट में जमा विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं. इससे खून में आई खराबियों को भी दूर किया जा सकता है. पीपल के पत्तों का अर्क निकालकर सेवन कररने से आंतों का इंफेक्शन दूर होता है. कमजोरी दूर करने में है असरदार(Benefits of Peepal leaves) यदि आपको शारीरिक कमजोरी महसूस हो रही हो तो इसके लिए पीपल के पत्तों का प्रयोग किया जा सकता है. पीपल के पत्तों का प्रयोग करने से शरीर की कमजोरी और थकान को दूर किया जा सकता है. इसके लिए पीपल के पत्तों को सुखा कर उसका पाउडर बना लें. अब उस पाउडर के बराबर अनुपात में मिश्री मिला कर इसे सुबह शाम खाएं. इस तरह पीपल के पत्तों का इस्तेमाल करने से शरीर को मजबूत बनाया जा सकता है.

Fitness Tips For Women
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Fitness Tips For Women: 40 साल की उम्र के बाद महिलाओं को करना चाहिए यह काम, वजन में नहीं होगा इजाफा c

Fitness Tips For Women: आजकल की महिलाएं (Women) अपने आप को फिट रखने के लिए खाने पीने तथा जीवन जीने के तरीको को फॉलो करती हैं. इसके बाद भी 40 साल की होने के बाद शरीर का वजन तेजी से बढ़ने लगता है. विशेषकर बेली फैट और कमर के आसपास चर्बी जमा होने लगती है. जिसकी वजह से बॉडी मोटी हो जाती है. ऐसे में महिलाएं एक्सरसाइज करना शुरू कर देती हैं. लेकिन गलत एक्सरसाइज की वजह से शरीर में चोट लगने का भी डर बना रहता है. ऐसे में जरूरी है कि सही फिटनेस रूटीन को फॉलो किया जाए. यदि आप 40 साल के होने के बाद शरीर में बढ़ रहे फैट से परेशान हो गई हो तो इन टिप्स को फॉलो करें, प्रोटीन की मात्रा बढ़ा दें(Fitness Tips For Women) पेट के निचले हिस्से के आसपास जमा हो रही चर्बी को दूर करना चाहती हो तो अपने खाने में प्रोटीन की मात्रा को बढ़ा दें तथा दिनभर में रुक रुक कर थोड़ा बहुत खाते रहे. इससे बार-बार लगने वाली भूख कम लगेगी. साथ ही साथ थोड़ा-थोड़ा खाने से खाना आसानी से डाइजेस्ट होगा और मेटाबॉलिज्म भी बढ़ेगा. हर्बल टी है जरूरी अगर आपको खाने के बाद भी कुछ खाने का मन करने लगता है तो हर्बल टी पिएं।नींबू पानी,ग्रीन टी या हर्बल टी स्नैकिंग की क्रेविंग को कम करने में मदद करेगी. कॉर्डियो एक्सरसाइज करें प्रतिदिन व्यायाम करें।साइकिलिंग,रनिंग,एक्सराइज एरोबिक्स जैसे चर्बी को कम करने वाले व्यायामों को अवश्य करे. प्रतिदिन 45 मिनट से लेकर 60 मिनट तक व्यायाम अवश्य करे. तेज वॉक से पड़ेगा असर अगर आप वॉक करती हैं तो हर 2-4 मिनट में तेज वॉक करें। वॉक करने की स्पीड बढ़ाकर चलने के बाद घटाएं. ये तकनीक वजन को कंट्रोल रखने में मदद करेगी. पूरे 30 मिनट की वॉक करने के बाद इसे रिपीट करते रहें. वजन जरूर उठाएं 40 साल के बाद अपने आप को मजबूत रखना है तो हफ्ते में कम से कम दो दिन वजन जरूर उठाएं।वजन उठाने से कमर के पास का फैट घटने में मदद मिलेगी. इसके अलावा बोज पोज योगासन और क्रिस क्रास लेग रेज जैसी एक्सरसाइज लोअर बॉडी फैट को कम करने में मदद करेगी.

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Benefits of Consuming Tulsi Leaves: तुलसी की पत्तियां हमारे लिए होता है फायदेमंद, जान लें इस्तेमाल का सही तरीका

Benefits of Consuming Tulsi Leaves: अपने औषधीय गुणों के कारण जाने जाने वाली तुलसी(Tulsi) के पेड़ की पतियों का आयुर्वेद में बहुत अधिक महत्व है. आई जानें तुलसी का सेवन करने से क्या क्या फायदें होते है तथा इसका प्रयोग कैसे करे कि इससे ज्यादा से ज्यादा फायदा मिले? तुलसी का प्रयोग पूजा पाठ के साथ ही साथ सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है.इसमें विटामिन A, विटामिन K,मैंगनीज, आयरन, कैल्शियम के साथ बीटा-क्रिप्टोक्सैंथिन,ज़ेक्सैंथिन, ल्यूटिन और बीटा-कैरोटीन जैसे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो सेहत के लिए लाभकारी हैं. ऐसे में चलिए जानते हैं तुलसी का सेवन करने से क्या फायदा होगा तथा इसको कैसे खाएं? इन समस्याओं में तुलसी का सेवन है लाभकारी(Benefits of Consuming Tulsi Leaves)   पाचन के लिए हैं महत्वपूर्ण(digestion)   तुलसी में मुख्य रूप से यूजेनॉल पाया जाता हैं जो मुख्यत: अपने सूजनरोधी गुण के लिए जाना जाता हैं इससे पाचन तंत्र स्वस्थ है. यह रासायनिक यौगिक तुलसी में होने की वजह से पाचन और तंत्रिका तंत्र को लाभ पहुँचाती है और आपका पाचन बेहतर हो और शरीर में उचित पीएच संतुलन हो. डायबिटीज में है फायदेमंद(diabetes)   अगर,आपको मधुमेह है, तो तुलसी को आहार में ज़रूर शामिल करें. यह रक्त में शर्करा के स्राव की प्रक्रिया को धीमा करता है और मधुमेह प्रबंधन में मदद करता है. अवसाद को करता है दूर(Depression)   तुलसी में एडाप्टोजेन नामक एक रासायनिक पदार्थ पाया जाता है जो कि तनाव-रोधी पदार्थ होता है. शोध से पता चलता है कि यह चिंता और अवसाद(Depression) को कम करने में मदद करता है, साथ ही न्यूरोट्रांसमीटर को उत्तेजित करता है जो ऊर्जा और खुशी पैदा करने वाले हार्मोन को नियंत्रित करते हैं. तो, तुलसी और सेज के साथ एक गर्म कप चाय का आनंद लें और अंतर देखें. लिवर के लिए हैं बहुत लाभकारी   तुलसी आपके लीवर से विषैले पदार्थों को निकलता है और आपके लीवर में वसा के जमाव को रोकने का प्रयास करती है. तुलसी खून से विषाक्त पदार्थों को निकालता है और इसे शुद्ध करता है. स्किन के लिए फायदेमंद   तुलसी के पत्तों का सेवन करने से स्किन का टेक्स्चर बेहतर होता है.इसकी पत्ती सांस की बदबू से छुटकारा दिलाने में कारगर है. तुलसी के सेवन से स्ट्रेस कम होता है. साथ ही तुलसी का काढ़ा पीने से सर्दी-खांसी की समस्या भी दूर होती है. ऐसे करें तुलसी का सेवन   प्रतिदिन सुबह खाली पेट तुलसी की 3-4 पत्तियों को लेकर चबा चबा कर खा लें. तुलसी की कुछ पत्तियों को एक गिलास पानी में रात भर डुबोकर रखना है. फिर सुबह खाली पेट इस पानी को पीना है. 4-5 तुलसी की पत्तियां को एक कप पानी में डालकर कम से कम एक मिनट गर्म कर ले फिर इसे एक कप में छान कर शहद के साथ इसका सेवन करें लें.

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Organic Food: बहुत सारे लोग नहीं जानते होंगे ऑर्गेनिक फूड से जुडी हुई 5 बड़ी गलत बातें

Organic Food: आजकल ऑर्गेनिक फूड(organic food) का चलन तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके बारे में कई गलतफहमियां भी हैं. लोग सोचते हैं कि ऑर्गेनिक फूड हमेशा सेहत के लिए अच्छे होते हैं या ये महंगे होने के कारण हमेशा अच्छी क्वालिटी के होते हैं. कुछ लोग यह भी मानते हैं कि ऑर्गेनिक फूड में कोई कीटनाशक नहीं होते या इनमें प्रिजर्वेटिव नहीं होते. इसलिए, हमें इन गलतफहमियों को दूर करना जरूरी है. चलिए, जानते हैं ऑर्गेनिक फूड से जुड़ी 5 बड़ी गलतफहमियों के बारे में, जो आपको चौंका देंगी. ज्यादातर लोगों का मानना है कि ऑर्गेनिक खेती में कीटनाशक का प्रयोग नहीं होता हैं,लेकिन उनका यह मानना गलत है. क्योंकि इसमें भी कीटनाशको का भी प्रयोग होता हैं लेकिन वे प्राकृतिक होते हैं. इसका मतलब ये नहीं कि वे हमेशा ज्यादा सुरक्षित या पर्यावरण के लिए अच्छे होते हैं. ऑर्गेनिक खाना होता है हेल्दी(Organic Food is Healthy) ऑर्गेनिक खाने में भी उतनी ही फैट, कैलोरी या चीनी हो सकती है जितनी कि साधारण खाने में होती है. ऑर्गेनिक का टैग सिर्फ ये दिखाता है कि वो कैसे उगाया गया है. लेकिन हम उसको ये नहीं मान सकते है कि वो हेल्दी ही होगा. ऑर्गेनिक खेती पर्यावरण के लिए हमेशा अच्छी होती है. ऑर्गेनिक खेती में किसी तरह के केमिकल या रसायन का इस्तेमाल नहीं होता, जैसे कि कीटनाशक. इसकी जगह प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन इस खेती में फसल उगाने के लिए ज्यादा जमीन और पानी की जरूरत पड़ती है. इससे पर्यावरण को उतना फायदा नहीं होता, जितना लोग सोचते हैं. ऑर्गेनिक सब्जियों तथा फलों में वे रसायन जो उन्हें लंबे समय तक ताज़ा रखते हैं,नहीं पाए जाते है. इसके वजह ये जल्दी खराब हो सकते हैं. ताजगी बनाए रखने का समय सामान्य फलों और सब्जियों की तुलना में कम होता है,इसलिए ये जल्दी सड़ जाते हैं. ऑर्गेनिक खाना होता है ज्यादा स्वादिष्ट हर किसी का स्वाद अलग होता है. कुछ लोगों को ऑर्गेनिक खाना ज्यादा स्वादिष्ट और अच्छा लगता है क्योंकि यह बिना केमिकल्स के उगाया जाता है. लेकिन कुछ लोगों को साधारण खाना भी उतना ही ठीक लगता है और उन्हें दोनों में कोई खास फर्क महसूस नहीं होता.

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